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एमयोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस, या एएलएस, एक ऐसी बीमारी है जो ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड में मौजूद नर्व सेल्स को प्रभावित करती है। ये नर्व सेल्स ही शरीर की उन मांसपेशियों को नियंत्रित करती हैं, जिन्हें हम अपनी मर्जी से हिला सकते हैं। एएलएस को लू गेरिग की बीमारी के नाम से भी जाना जाता है। एएलएस में मांसपेशियों में अकड़न, मांसपेशियों का अनैच्छिक हिलना और धीरे-धीरे मांसपेशियों की कमजोरी बढ़ती जाती है। इसके परिणामस्वरूप बोलने, निगलने और अंततः सांस लेने में कठिनाई होती है।
एमयोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस: लक्षण और संकेत
एएलएस के लक्षण 50 वर्ष की आयु के बाद ही दिखाई देते हैं, लेकिन ये कम उम्र के लोगों में भी देखे जा सकते हैं। मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
- सांस लेने में तकलीफ
- निगलने में कठिनाई।
- मसल्स में ऐंठन
- मसल्स का संकुचन
- पैरालिसिस
- आवाज़ में बदलाव, कर्कशता।
- वजन घटाना
- भाषण संबंधी समस्याएं
एमयोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस: कारण
लगभग 10% मामलों में, यह बीमारी आनुवंशिक दोष के कारण होती है। हालांकि, बाकी मामलों में इसका कारण अज्ञात है।
एमयोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस: ट्रीटमेंट
एएलएस के लिए कोई ज्ञात इलाज नहीं है। अन्य लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित ट्रीटमेंट दिए जाते हैं:
- स्पैस्टिसिटी के लिए बैक्लोफेन या डायजेपाम, जो दैनिक गतिविधियों में बाधा डालती है।
- जो लोग खुद से निगलने में परेशानी महसूस करते हैं, उनके लिए ट्राईहेक्सीफेनिडिल या एमिट्रिप्टिलाइन।
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