मोबाइल ऐप से जुड़े अगली पीढ़ी के उपकरण, जो दूर से निगरानी करने में मदद करते हैं।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज
डॉ. बलबीर सिंह, चेयरमैन, हेड ऑफ कार्डियोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत और उनकी टीम ने 29 फरवरी को 56 वर्षीय पुरुष पेशेंट में एक मोबाइल ऐप से जुड़े और गैलेंट तकनीक पर आधारित कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर को सफलतापूर्वक इम्प्लांट किया, जिससे उन्हें और उनकी मेडिकल टीम को बहुत राहत मिली।
यह डिवाइस, इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर (आईसीडी) परिवार का हिस्सा होने के साथ-साथ, अगली पीढ़ी का उपकरण है (एबॉट की गैलेंट तकनीक से)। इसमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और एक पेशेंट स्मार्टफोन ऐप की सुविधा है। इसे इस साल जुलाई में यूएस एफडीए द्वारा अनुमोदित किया गया था।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत में कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन, डॉ. बाबीर सिंह के नेतृत्व में मेडिकल एक्सपर्ट्स की एक टीम द्वारा इम्प्लांट की प्रक्रिया की गई। पेशेंट उत्तरी भारत के एक दूरदराज के इलाके से था। वह मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली में आया, जहाँ उसने प्रीसिंकोप, चक्कर आने या बेहोशी महसूस होने की शिकायत की, लेकिन वास्तव में बेहोश नहीं हुआ। पेशेंट ने पहले कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी करवाई थी, जो हार्ट में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने की एक प्रक्रिया है। भर्ती के समय, उसके बाएं वेंट्रिकल का इजेक्शन फ्रैक्शन (एलवीईएफ) 35% था - जिसका मतलब था कि हार्ट के हर संकुचन के साथ रक्त का प्रवाह कम था।
आईसीडी इम्प्लांट के फायदे
- नए गैलेंट आईसीडी पेशेंट्स के लिए सबसे आधुनिक हार्ट रिदम मैनेजमेंट की सुविधाएँ लेकर आए हैं, जिन्हें असामान्य हार्ट रिदम और हार्ट फेलियर की समस्या है।
- ये डॉक्टरों को पेशेंट्स की दूर से निगरानी करने और उनमें जानलेवा असामान्य हार्ट रेट की घटनाओं की पहचान करने में मदद करते हैं।
- ये विशेषताएं डॉक्टरों को मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए तैयार रहने में मदद करती हैं।
- गैलेंट आईसीडी महामारी के दौरान भी उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि ये डॉक्टरों को उन पेशेंट्स में बिना बताए मौजूद हार्ट की असामान्यताओं का पता लगाने में मदद करते हैं जो नियमित जांच नहीं करवा पाते हैं।