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स्ट्रोक: प्रकार, लक्षण और आपातकाल

By Dr. Sanjay Jaiswal in Emergency & Trauma

Dec 26 , 2025 | 2 min read

स्ट्रोक को आम भाषा में ब्रेन अटैक कहा जाता है। स्ट्रोक शब्द ही सब कुछ कह देता है - यह अचानक होता है।


स्ट्रोक के प्रकार

स्ट्रोक के दो प्रकार होते हैं, जो उनके कारण पर निर्भर करते हैं। यह रक्तस्राव (रक्तस्रावी) या थक्के (इस्केमिक) के कारण हो सकता है।


  1. इस्केमिक स्ट्रोक - यह स्ट्रोक का सबसे आम रूप है जिसमें मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं में रक्त के थक्के बन जाते हैं/जमा हो जाते हैं। इससे मस्तिष्क के उस हिस्से में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है और ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इससे लकवा जैसे लक्षण पैदा होंगे। रक्तस्राव की संभावना को दूर करने के लिए रोगी को तुरंत सीटी स्कैन करवाना होगा और फिर अंतःशिरा थ्रोम्बोलिसिस शुरू करना होगा और यदि आवश्यक हो तो मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी भी करनी होगी।

  2. रक्तस्रावी स्ट्रोक - यह मस्तिष्क में रक्त वाहिका के रिसाव या टूटने के कारण होता है। यह उच्च रक्तचाप या धमनीविस्फार (रक्त वाहिकाओं का उभार) के कारण हो सकता है।


स्ट्रोक एक चिकित्सा आपातकाल है। तुरंत चिकित्सा सहायता लें।


कई मरीज़ और उनके परिवार वाले ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते। वे 2-3 दिन तक इंतज़ार करते हैं, यह सोचकर कि लक्षण ठीक हो जाएँगे। इस देरी के कारण मरीज़ जीवन भर लकवाग्रस्त रह सकता है।


स्ट्रोक की शुरुआत से लेकर जीवन रक्षक उपचार शुरू करने के लिए डॉक्टरों के पास केवल 3-4.5 घंटे का समय होता है। जितना जल्दी हो सके उतना अच्छा है!!


यदि आप या आपके प्रियजनों में निम्नलिखित लक्षण विकसित हों तो निकटतम स्ट्रोक रेडी सेंटर के आपातकालीन विभाग में जाएँ -


  1. किसी अंग को हिलाने में कमजोरी या कठिनाई – रोगी को अचानक एक हाथ या पैर में कमजोरी आ सकती है। यदि आप व्यक्ति को दोनों हाथों को धीरे-धीरे ऊपर उठाने के लिए कहते हैं, तो एक हाथ नीचे गिरने लगेगा। इसे आर्म ड्रिफ्ट के रूप में जाना जाता है, और रोगी को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। एक पैर की कमजोरी के कारण रोगी चलने में भी असमर्थ हो सकता है।
  2. चेहरे का एक तरफ़ मुड़ जाना – जब मुस्कुराने के लिए कहा जाता है, तो मरीज़ का चेहरा एक तरफ़ झुक जाता है। आप चेहरे के एक तरफ़ से पानी या लार टपकता हुआ भी देख सकते हैं। मरीज़ को चेहरे के एक तरफ़ सुन्नपन भी महसूस हो सकता है।
  3. बोलने में कठिनाई या बोलने में असमर्थता - रोगी अचानक भ्रमित तरीके से बात करना शुरू कर सकता है। उसकी बोली अस्पष्ट या निरर्थक हो सकती है। कभी-कभी रोगी बोल ही नहीं पाता। वे यह भी नहीं समझ पाते कि आप क्या कह रहे हैं और आदेशों का पालन नहीं कर पाते।
  4. अचानक चक्कर आना या भ्रम – मरीजों को अचानक बहुत चक्कर आ सकता है, वे गिर सकते हैं या उन्हें देखने में परेशानी हो सकती है। उन्हें गंभीर चक्कर, मतली और उल्टी के कारण दृष्टि धुंधली, कम दिखाई दे सकती है और खड़े होने में असमर्थता हो सकती है।

ये सभी स्ट्रोक के लक्षण हैं, और रोगी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। याद रखें, समय बहुत महत्वपूर्ण है। स्ट्रोक दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। इसलिए, स्ट्रोक के मामले में, शुरुआती लक्षणों की तुरंत पहचान, समय पर अस्पताल पहुंचना और उपचार की त्वरित शुरुआत जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


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