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क्या धुंध फेफड़ों के कैंसर की घटनाओं को बढ़ा रही है?

By Medical Expert Team

Dec 26 , 2025 | 1 min read

मानव निर्मित आपदा- स्मॉग में कई तरह के प्रदूषक होते हैं, जैसे कि कण, जहरीली गैसें और निर्माण स्थलों तथा वाहनों से निकलने वाली धूल। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, वैशाली के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के निदेशक डॉ. दिनेश सिंह कहते हैं कि पीएम 2.5 का स्तर फेफड़ों के कैंसर के मामलों को बढ़ा रहा है। यह देखा गया है कि धूम्रपान न करने वालों की संख्या पिछले वर्षों के 10% की तुलना में 20% तक बढ़ गई है।

ग्लोबोकैन द्वारा प्रकाशित 2012 के आंकड़ों के अनुसार, 1990 से 2013 तक फेफड़ों के कैंसर की घटनाओं में 81% की वृद्धि हुई है। अब पिछले कुछ वर्षों से, स्मॉग की समस्या में वृद्धि हुई है, जिसका प्रमाण पुरुषों और महिलाओं दोनों में फेफड़ों के कैंसर के मामलों में वृद्धि है।

फेफड़े के कैंसर से पीड़ित रोगी को खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और यदि यह समस्या दो सप्ताह के भीतर ठीक नहीं होती तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

इसका निदान क्या है?

डिजिटल चेस्ट एक्स-रे अच्छे परिणाम दे सकता है और यदि कोई संदिग्ध निष्कर्ष है तो कैंसर की उपस्थिति की जांच के लिए रोगी की आगे की जांच की जाती है। यदि सीटी स्कैन में कोई घाव दिखाई देता है तो ऊतक निदान या बायोप्सी या तो ब्रोंकोस्कोपिक रूप से या सीटी निर्देशित बायोप्सी की जाती है। आपका डॉक्टर तब कैंसर के चरण के अनुसार उपचार की सिफारिश करेगा।

आप फेफड़ों के कैंसर को कैसे रोक सकते हैं?

  • किसी भी रूप में धूम्रपान या तम्बाकू चबाने से बचें
  • निष्क्रिय धूम्रपान से सावधान रहें
  • शराब का सेवन करने से बचें
  • प्रदूषण में बाहर जाने से बचें
  • बगीचे या सड़क का कचरा न जलाएं
  • उच्च गुणवत्ता वाले फेस मास्क का उपयोग करें

दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ कैंसर अस्पताल की जाँच करें।

Written and Verified by:

Medical Expert Team