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गर्भावस्था में मधुमेह
By Medical Expert Team
Dec 26 , 2025 | 1 min read
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गर्भावस्था के दौरान मधुमेह एक बहुत ही आम चिकित्सा स्थिति है। गतिहीन जीवनशैली, व्यायाम की कमी, अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदतें गर्भावस्था में महिलाओं में इस जटिलता के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ा रही हैं।
यदि आपको पहली बार गर्भावस्था में मधुमेह का पता चलता है तो इसका आपके लिए क्या मतलब है, इस पर कुछ बिंदु-
- टाइप 2 डायबिटीज़ गर्भावस्था से जुड़ा अधिक आम रूप है
- रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने तथा अपने और अपने शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ/चिकित्सक से नियमित रूप से परामर्श लेना आवश्यक है।
- गर्भावस्था में होने वाली समस्याओं के कारण जब तक घूमना-फिरना प्रतिबंधित न हो, तब तक शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। यह शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह से स्थिति को मात देने में मदद करता है।
- आहार में परिवर्तन का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
- शर्करा की निगरानी करना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपचार के दौरान आपको हाइपरग्लाइसेमिया और हाइपोग्लाइसेमिया की समस्या हो सकती है, जिसका असर आपके बच्चे पर पड़ सकता है।
- हाइपोग्लाइसीमिया या निम्न रक्त शर्करा का स्तर निम्न कारणों से हो सकता है
- भोजन छोड़ना या देरी करना
- बहुत कम मात्रा में खाना
- शारीरिक रूप से अत्यधिक परिश्रम करना
आमतौर पर हाइपोग्लाइसीमिया का उपचार चीनी युक्त कुछ चीजें, जैसे संतरे का जूस, खाने या पीने से किया जाता है।
- हाइपरग्लेसेमिया या उच्च रक्त शर्करा का कारण होता है
- आपके भोजन के उपभोग में अनुचित संतुलन
- आपके द्वारा ली जा रही इंसुलिन/मौखिक दवाओं की मात्रा से संबंधित समस्याएं
- तनाव
- रोग
- शारीरिक गतिविधि का अभाव
आमतौर पर हाइपरग्लेसेमिया का इलाज आपके इंसुलिन/मौखिक दवा की खुराक को समायोजित करके किया जाता है।
- शिशु के साथ जुड़े जोखिम हैं - यदि शिशु बड़ा हो तो उसे उपकरण द्वारा प्रसव कराने की आवश्यकता हो सकती है, प्रसव पीड़ा लम्बी हो सकती है या सिजेरियन ऑपरेशन करना पड़ सकता है, नवजात शिशु में हाइपोग्लाइसीमिया, पीलिया का खतरा और दूध पिलाने में कठिनाई हो सकती है।
- प्रसव के बाद अपने शर्करा के स्तर का ध्यान रखना तथा आहार और जीवनशैली में बदलाव करना न भूलें।
गर्भावस्था और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान अपने शरीर की देखभाल करना ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने और दीर्घकाल तक स्वस्थ बने रहने के लिए महत्वपूर्ण है।
Written and Verified by:
Medical Expert Team
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